उत्सव के रंग...

भारतीय संस्कृति में उत्सवों और त्यौहारों का आदि काल से ही महत्व रहा है। हर संस्कार को एक उत्सव का रूप देकर उसकी सामाजिक स्वीकार्यता को स्थापित करना भारतीय लोक संस्कृति की सबसे बड़ी विशेषता रही है। भारत में उत्सव व त्यौहारों का सम्बन्ध किसी जाति, धर्म, भाषा या क्षेत्र से न होकर समभाव से है और हर त्यौहार के पीछे एक ही भावना छिपी होती है- मानवीय गरिमा को समृद्ध करना। "उत्सव के रंग" ब्लॉग का उद्देश्य पर्व-त्यौहार, संस्कृति और उसके लोकरंजक तत्वों को पेश करने के साथ-साथ इनमें निहित जीवन-मूल्यों का अहसास कराना है. आज त्यौहारों की भावना गौड़ हो गई है, दिखावटीपन प्रमुख हो गया है. ऐसे में जरुरत है कि हम अपनी उत्सवी परंपरा की मूल भावनाओं की ओर लौटें. इन पारंपरिक त्यौहारों के अलावा आजकल हर दिन कोई न कोई 'डे' मनाया जाता है. हमारी कोशिश होगी कि ऐसे विशिष्ट दिवसों के बारे में भी इस ब्लॉग पर जानकारी दी जा सके. इस उत्सवी परंपरा में गद्य व पद्य दोनों तरह की रचनाएँ शामिल होंगीं !- कृष्ण कुमार-आकांक्षा यादव (ब्लॉग संयोजक)

शुक्रवार, 3 जुलाई 2009

जीवन वृत्त: कृष्ण कुमार यादव



सम्प्रति भारत सरकार में निदेशक। प्रशासन के साथ-साथ साथ-साथ साहित्य, लेखन, ब्लागिंग और सोशल मीडिया के क्षेत्र में प्रवृत्त। 10 अगस्त, 1977 को आजमगढ़ (उ.प्र.) के एक प्रतिष्ठित परिवार में जन्म। आरंभिक शिक्षा जवाहर नवोदय विद्यालय-जीयनपुर आजमगढ़ एवं तत्पश्चात इलाहाबाद वि.वि. से 1999 में राजनीति शास्त्र में एम.ए.। वर्ष 2001 में भारत की प्रतिष्ठित ‘सिविल सेवा’ में चयन। सम्प्रति ‘भारतीय डाक सेवा’ के अधिकारी। सूरत, लखनऊ, कानपुर और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में नियुक्ति के पश्चात फिलहाल इलाहाबाद परिक्षेत्र के निदेशक पद पर आसीन।

देश-विदेश की प्रायः अधिकतर प्रतिष्ठित पत्र-पत्रिकाओं और इंटरनेट पर वेब पत्रिकाओं, ब्लॉग और फेसबुक पर रचनाओं का निरंतर प्रकाशन। विभिन्न विधाओं में अब तक कुल 7 कृतियाँ प्रकाशित -'अभिलाषा' (काव्य-संग्रह, 2005), 'अभिव्यक्तियों के बहाने' व 'अनुभूतियाँ और विमर्श' (निबंध-संग्रह, 2006 व 2007), 'India Post : 150 Glorious Years'(2006), 'क्रांति-यज्ञ : 1857-1947 की गाथा', 'जंगल में क्रिकेट' (बाल-गीत संग्रह, 2012) व '16 आने 16 लोग’ (निबंध-संग्रह, 2014) । 

आकाशवाणी लखनऊ, कानपुर, इलाहाबाद व पोर्टब्लेयर और दूरदर्शन से कविताएँ, वार्ता, साक्षात्कार का समय-समय पर प्रसारण। शताधिक प्रतिष्ठित पुस्तकों/ संकलनों में रचनाएँ प्रकाशित। इंटरनेट पर 'कविता कोश' में तमाम कविताएँ संकलित। आकाशवाणी लखनऊ, कानपुर, इलाहाबाद व पोर्टब्लेयर, और दूरदर्शन से कविताएँ, वार्ता, साक्षात्कार का समय-समय पर प्रसारण। ‘सरस्वती सुमन‘ (देहरादून) पत्रिका के लघु-कथा विशेषांक (जुलाई-सितम्बर, 2011) का संपादन। सुप्रसिद्ध बाल साहित्यकार डा. राष्ट्रबन्धु द्वारा सम्पादित ‘बाल साहित्य समीक्षा’ (सितम्बर 2007) एवं इलाहाबाद से प्रकाशित ‘गुफ्तगू‘ (मार्च 2008) पत्रिकाओं द्वारा व्यक्तित्व-कृतित्व पर विशेषांक प्रकाशित। व्यक्तित्व-कृतित्व पर एक पुस्तक 'बढ़ते चरण शिखर की ओर : कृष्ण कुमार यादव' (सं.- दुर्गाचरण मिश्र, 2009) प्रकाशित। 

अग्रणी हिंदी ब्लॉगर के रूप स्थापित। व्यक्तिश: शब्द सृजन की ओर (http://kkyadav.blogspot.in) व डाकिया डाक लाया (http://dakbabu.blogspot.in) और युगल रूप में ‘बाल-दुनिया’ (http://balduniya.blogspot.in) ‘सप्तरंगी प्रेम’ (http://saptrangiprem.blogspot.in) व ‘उत्सव के रंग’ (http://utsavkerang.blogspot.in) ब्लॉग के माध्यम से सक्रियता।

साहित्य जगत में यह गौरव प्राप्त कि परिवार की तीन पीढियां एक साथ हिंदी साहित्य, लेखन और ब्लागिंग में सक्रिय। पिताश्री राम शिव मूर्ति यादव जी के साथ-साथ जीवन-संगिनी आकांक्षा यादव और पुत्री अक्षिता (पाखी) भी लेखन और ब्लागिंग में सक्रिय। आकांक्षा यादव का नारी विमर्श, बाल विमर्श और सामाजिक मुद्दों से सम्बंधित विषयों पर प्रमुखता से लेखन। अब तक 2 कृतियाँ प्रकाशित- चाँद पर पानी (बाल-गीत संग्रह-2012) एवं 'क्रांति-यज्ञ :1857-1947 की गाथा' (संपादित, 2007)। बिटिया अक्षिता को उसके ब्लॅाग ”पाखी की दुनिया” (http://pakhi-akshita.blogspot.in) के लिए वर्ष 2010 में परिकल्पना समूह द्वारा ”श्रेष्ठ नन्ही ब्लागर” और वर्ष 2011 में कला और ब्लागिंग के क्षेत्र में उत्कृष्ट उपलब्धि हेतु भारत सरकार द्वारा सबसे कम उम्र में ”राष्ट्रीय बाल पुरस्कार-2011” प्राप्त कर हिंदी ब्लागिंग के क्षेत्र में प्रथम राजकीय सम्मान पाने का गौरव प्राप्त। 

विभिन्न प्रतिष्ठित सामाजिक-साहित्यिक संस्थाओं द्वारा विशिष्ट कृतित्व, रचनाधर्मिता और प्रशासन के साथ-साथ सतत् साहित्य सृजनशीलता हेतु 50 से ज्यादा सम्मान और मानद उपाधियाँ प्राप्त। उ.प्र. के मुख्यमंत्री द्वारा न्यू मीडिया के क्षेत्र में अप्रतिम योगदान के लिए जी न्यूज का ’’अवध सम्मान’’, “परिकल्पना समूह“ द्वारा “दशक के श्रेष्ठ ब्लॉगर दंपत्ति“ का सम्मान प्राप्त। विक्रमशिला हिन्दी विद्यापीठ, भागलपुर, बिहार द्वारा डाक्टरेट (विद्यावाचस्पति) की मानद उपाधि, भारतीय दलित साहित्य अकादमी द्वारा ‘’महात्मा ज्योतिबा फुले फेलोशिप राष्ट्रीय सम्मान‘‘ व ‘’डा. अम्बेडकर फेलोशिप राष्ट्रीय सम्मान‘‘, विज्ञान परिषद, प्रयाग द्वारा " विज्ञान परिषद शताब्दी सम्मान", साहित्य मंडल, श्रीनाथद्वारा, राजस्थान द्वारा ”हिंदी भाषा भूषण”, वैदिक क्रांति परिषद, देहरादून द्वारा ‘’श्रीमती सरस्वती सिंहजी सम्मान‘’, भारतीय बाल कल्याण संस्थान द्वारा ‘‘प्यारे मोहन स्मृति सम्मान‘‘, ग्वालियर साहित्य एवं कला परिषद द्वारा ”काव्य शिरोमणि” एवं ”महाप्राण सूर्यकान्त त्रिपाठी ‘निराला‘ सम्मान”, राष्ट्रीय राजभाषा पीठ इलाहाबाद द्वारा ‘‘भारती रत्न‘‘, अखिल भारतीय साहित्यकार अभिनन्दन समिति मथुरा द्वारा ‘‘कविवर मैथिलीशरण गुप्त सम्मान‘‘, ‘‘महाकवि शेक्सपियर अन्तर्राष्ट्रीय सम्मान‘‘, मेधाश्रम संस्था, कानपुर द्वारा ‘‘सरस्वती पुत्र‘‘, भारतीय राष्ट्रीय पत्रकार महासंघ द्वारा ’’पं. बाल कृष्ण पाण्डेय पत्रकारिता सम्मान’’ इत्यादि। 

ब्लॉग : http:/kkyadav.blogspot.in/, http:/dakbabu.blogspot.in/, 
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                                                                                            (Updated on 20th July, 2014)


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भारतीय डाक सेवा के अधिकारी होने के साथ-साथ हिंदी साहित्य में भी दखलंदाजी रखने वाले बहुआयामी व्यक्तित्व के धनी कृष्ण कुमार यादव का जन्म 10 अगस्त 1977 को तहबरपुर आज़मगढ़ (उ.प्र.) में हुआ. प्रारम्भिक शिक्षा जवाहर नवोदय विद्यालय जीयनपुर-आज़मगढ़ में एवं तत्पश्चात इलाहाबाद विश्वविद्यालय से 1999 में आप राजनीति-शास्त्र में परास्नातक उपाधि प्राप्त हैं. विभिन्न विधाओं- कविता, कहानी, निबंध, लघु-कथा के साथ-साथ बाल साहित्य में भी लेखन.

समकालीन हिंदी साहित्य में नया ज्ञानोदय, कादम्बिनी, सरिता, नवनीत, आजकल, वर्तमान साहित्य, उत्तर प्रदेश, अकार, लोकायत, गोलकोण्डा दर्पण, इन्द्रप्रस्थ भारती, मधुमती, उन्नयन, दैनिक जागरण, अमर उजाला, राष्ट्रीय सहारा, स्वतंत्र भारत, आज, द सण्डे इण्डियन, इण्डिया न्यूज, अक्षर पर्व, युग तेवर, शेष, गोलकोंडा दर्पण, प्रेरणा, प्रगतिशील आकल्प, समर लोक, शब्द, अक्षर शिल्पी, साहित्य क्रांति, साहित्य वार्ता, संकल्य, संयोग साहित्य, समकालीन अभिव्यक्ति, सनद, प्रतिश्रुति, तटस्थ, आकंठ, युगीन काव्या, आधारशिला, चक्रवाक्, सरस्वती सुमन, कथा चक्र इत्यादि सहित 250 से ज्यादा पत्र-पत्रिकाओं व सृजनगाथा, अनुभूति, अभिव्यक्ति, साहित्यकुंज, साहित्यशिल्पी, रचनाकार, लिटरेचर इंडिया, हिंदीनेस्ट, कलायन इत्यादि वेब-पत्रिकाओं में रचनाओं का प्रकाशन.

अब तक एक काव्य-संकलन "अभिलाषा" सहित दो निबंध-संकलन "अभिव्यक्तियों के बहाने" तथा "अनुभूतियाँ और विमर्श" एवं एक संपादित कृति "क्रांति-यज्ञ" का प्रकाशन. बाल कविताओं एवं कहानियों के संकलन प्रकाशन हेतु प्रेस में. व्यक्तित्व-कृतित्व पर "बाल साहित्य समीक्षा" व "गुफ्तगू" पत्रिकाओं द्वारा विशेषांक जारी एवं विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में व्यक्तित्व-कृतित्व पर आलेख प्रकाशित. शोधार्थियों हेतु आपके व्यक्तित्व-कृतित्व पर एक पुस्तक "बढ़ते चरण शिखर की ओर : कृष्ण कुमार यादव" (संपादन-दुर्गाचरण मिश्र) का प्रकाशन. आकाशवाणी पर कविताओं के प्रसारण के साथ दो दर्जन से अधिक प्रतिष्ठित काव्य-संकलनों में कवितायेँ प्रकाशित.अंतर्जाल पर शब्द सृजन की ओर, डाकिया डाक लाया और उत्सव के रंग नामक ब्लॉगों का सञ्चालन.

विभिन्न प्रतिष्ठित सामाजिक-साहित्यिक संस्थाओं द्वारा समय-समय पर सम्मानित. अभिरुचियों में रचनात्मक लेखन-अध्ययन-चिंतन के साथ-साथ फिलाटेली, पर्यटन व नेट-सर्फिंग भी शामिल. बकौल साहित्य मर्मज्ञ एवं पद्मभूषण गोपाल दास 'नीरज'- " कृष्ण कुमार यादव यद्यपि एक उच्चपदस्थ सरकारी अधिकारी हैं, किन्तु फिर भी उनके भीतर जो एक सहज कवि है वह उन्हें एक श्रेष्ठ रचनाकार के रूप में प्रस्तुत करने के लिए निरंतर बेचैन रहता है. उनमें बुद्धि और हृदय का एक अपूर्व संतुलन है. वो व्यक्तिनिष्ठ नहीं समाजनिष्ठ साहित्यकार हैं जो वर्तमान परिवेश की विद्रूपताओं, विसंगतियों, षड्यंत्रों और पाखंडों का बड़ी मार्मिकता के साथ उदघाटन करते हैं."
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