शुक्रवार, 5 मार्च 2010

त्यौहारों की कड़ी में अब विशिष्ट दिवस भी

आजकल भूमंडलीकरण का दौर है. जो त्यौहार कल तक देश की सीमाओं से आबद्ध थे, आज उनका भी भूमंडलीकरण हो गया है. पारंपरिक त्यौहारों से परे तमाम दिन किसी विशिष्ट विषय को लेकर सेलिब्रेट किये जा रहे हैं. इनमें आपसी रिश्तों से लेकर हमारे परिवेश तक के विषय शामिल हैं. मसलन-नारी दिवस, पर्यावरण दिवस, मदर्स डे, फादर्स डे, गौरैया दिवस इत्यादि. इनका उद्देश्य हमारी नित्य व्यस्त होती दिनचर्या में ठहरकर किसी चीज पर विचार करना है. अब 'उत्सव के रंग' में हम ऐसे भी विशिष्ट दिवसों के बारे में चर्चा करेंगे. इन दिवसों के पीछे छुपे जीवन-मूल्यों को समझने की कोशिश करेंगें. आवश्यकतानुसार इन विषयों से सम्बंधित रचनाएँ भी प्रस्तुत करेंगें !!

1 टिप्पणियाँ:

Ratnesh Kr. Maurya ने कहा…

यह जरुरी भी है..सुन्दर प्रयास के लिए शुभकामनायें.